कविता, shayari

Qatil – TWIFU

ये नज़रों के तीर

यह सादगी

ये शोख अदाएं

यह बातों-बातों में कत्ल करने की अदा

मुझे डर है कि कहीं

मेरे कतल का इल्जाम

आप पर न आ जाए ।

“चौहान”

कविता, shayari

समुद्र – TWIFU

कतरे का नदी में मिल कर

नदी होना

नदी का समुद्र में समा कर

समुद्र होना

कतरे का समुद्र हो जाना संभव है

लेकिन

समुद्र का नदी में समा कर नदी होना

नदी का कतरे में समा कर कतरा होना

समुद्र का कतरा होना

संभव नहीं है

फिर ऐ दिल

आपकी तृष्नगी का मतलब क्या ?

“चौहान”

shayari

कयामत की कयामत ग़ज़ल – TWIFU

ग़ज़ल
दिलबरों की दिलबरी में दिल्लगी हाए हाए ।
सितमगरों की सितमगरी में आशिकी हाए हाए ।
मर रहे हैं हर घड़ी याद में हम तो ए दिल,
जी रहें है मौज में वो ज़िन्दगी हाए हाए ।
है कयामत की कयामत नाज़नी हुस्न तेरा,
कर रही है कतल तेरी सादगी हाए हाए ।
दो जहां के शहंशाह बस तू मिटा दे इनको अब,
तीरगी अगियानता ये मुफलिसी हाए हाए ।
दर्द तो एक ही बहुत था खून पीने को “चौहान”
ये जुनूँ ये तिश्नगी ये शायरी हाए हाए ।
“चौहान”