
सबसे छोटी-बड़ी या लंबी-ऊंची हर चीज दुनिया में आकर्षण का केन्द्र बनती है ।पर्वतारोहियों के लिए ऊंचे-ऊचे पहाड़, चोटियां शुरू से कौतुहल का विषय रही हैं ।1920 में तिब्बत की तरफ रास्ता खुलते ही विश्व के सबसे ऊंचे पर्वत पर विजय पाने का पर्वतारोहियों द्वारा प्रयास शुरू हो गया था लेकिन तीन दशक तक अनेक प्रयासों के बावजूद भी किसी को सफलता नहीं मिली | एडमंड हिलेरी ( Edmund Hillary) और तेनज़िंग नॉर्गे ( Tenzing Norgay) ने साल 1953 में विश्व के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट की चोटी पर परचम लहरा कर एक इतिहास रच दिया ।
अगर बात विश्व के सबसे ऊंचे पर्वत की करें तो “माउंट एवेरेस्ट पर्वत (Mount Everest) हिमालय पर्वत श्रंखला का हिस्सा विश्व का सबसे ऊंचा पर्वत है । जिसकी भारतीय सर्वेक्षण द्वारा मापी गई 1954 में समुंद्र तल से ऊंचाई – 8848 मी. या 29029 फीट है । ये भारत में नेपाल-चीन सीमा पर अवस्थिति है ।
माउंट एवेरेस्ट पर्वत को अन्य और नामों से भी जाना जाता है
जैसे
तिब्बत में चोमोलंगमा,
संस्कृत भाषा में देवगिरी ,
नेपाल में सागरमाथा नाम है
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